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हिमाचल की बेटी का कमाल, कनिमो पीक पर लहराया तिरंगा

17 वर्षीय तंजिन नॉरडन ने 19,587 फीट ऊंचा कनिमो पीक फतह कर रचा इतिहास

स्पीति की पहली महिला पर्वतारोही बनीं, पूरे हिमाचल का बढ़ाया मान

सीएम सुक्खू बोले- तंजिन की उपलब्धि प्रदेश की बेटियों के लिए प्रेरणा


केलांग/लाहौल-स्पीति। हिमाचल प्रदेश की स्पीति घाटी की 17 वर्षीय बेटी तंजिन नॉरडन ने अपने साहस, दृढ़ संकल्प और अथक मेहनत के दम पर 5,970 मीटर (19,587 फीट) ऊंचे कनिमो पीक को सफलतापूर्वक फतह कर इतिहास रच दिया है। इस शानदार उपलब्धि के साथ तंजिन स्पीति घाटी की पहली महिला पर्वतारोही बन गई हैं, जिन्होंने इस चुनौतीपूर्ण और दुर्गम शिखर पर तिरंगा फहराकर प्रदेश का नाम रोशन किया है। उनकी इस सफलता ने न केवल लाहौल-स्पीति बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश को गौरवान्वित किया है।

महज 17 वर्ष की उम्र में हासिल की गई यह ऐतिहासिक उपलब्धि तंजिन के अदम्य साहस, अनुशासन और कठिन परिश्रम का परिणाम है। बेहद कठिन मौसम, ऊंचाई और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अपने लक्ष्य को हासिल कर यह साबित कर दिया कि मजबूत इरादों के सामने कोई भी चुनौती बड़ी नहीं होती। उनकी यह उपलब्धि प्रदेश की हजारों बेटियों के लिए प्रेरणा का संदेश लेकर आई है।

तंजिन नॉरडन की इस सफलता पर उनके परिवार ने खुशी जताते हुए इसे पूरे परिवार के लिए गर्व का क्षण बताया। परिवार का कहना है कि तंजिन बचपन से ही अनुशासित और मेहनती रही हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह सफलता उनके पर्वतारोहण करियर की केवल शुरुआत है और आने वाले समय में वह देश-विदेश की कई ऊंची चोटियों पर तिरंगा फहराकर हिमाचल और भारत का नाम विश्व स्तर पर रोशन करेंगी।

इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने भी तंजिन नॉरडन को बधाई दी। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीर साझा करते हुए लिखा कि स्पीति घाटी की बेटी ने 5,970 मीटर (19,587 फीट) ऊंचे कनिमो पीक को फतह कर इतिहास रच दिया है। उन्होंने कहा कि तंजिन स्पीति की पहली महिला पर्वतारोही बनी हैं और यह उपलब्धि पूरे हिमाचल प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि तंजिन की यह सफलता प्रदेश की बेटियों को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए प्रेरित करेगी।

लाहौल-स्पीति की विधायक अनुराधा राणा ने भी तंजिन और उनके परिवार को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने प्रदेश की बेटियों के लिए एक नई मिसाल कायम की है। उन्होंने कहा कि तंजिन का साहस और समर्पण युवा पीढ़ी को पर्वतारोहण और साहसिक खेलों की ओर प्रेरित करेगा।

तंजिन नॉरडन की यह ऐतिहासिक विजय हिमाचल प्रदेश में साहसिक खेलों के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए तो उम्र और कठिन परिस्थितियां भी सफलता की राह नहीं रोक सकतीं।